खोलो खोलो माता दरवाजा

पारंपरिक
माता दुर्गा आरती दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हो बरसे नैना मेरे तरसे नैना,

खोलो खोलो माता दरवाजा,

आजा आजा माँ शेरोवाली आजा.....

हो दुनिया का बेडा पार लगाया,

मैं भी तो मैया मझदार में आया,

मैया नैया को किनारे लगाजा,

आजा आजा माँ शेरोवाली आजा………..

जग मग जग मग आरती उतारूँ,

मैं भी तो मैया तेरे द्वारे आऊ,

मेरे हृदय में जोत जगा जा,

आजा आजा माँ शेरोवाली आजा………….

हो दिल के घाव मैया किसको दिखाऊ,

तू ना सुने तो मैया किसको सुनाऊं,

मेरे सपने सच तू बना जा,

आजा आजा माँ शेरोवाली आजा…………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।