चारों वेदों में गूंज रहा जयकारा मेरी मैया का

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

चारों वेदों में गूंज रहा जयकारा मेरी मैया का,

जयकारा मेरी मैया का जयकारा मेरी मैया का……….

हमारी ना मानो तो गणपत से पूछो,

गणपत से पूछोरिद्धि सिद्धि से पूछो,

जिनके कानो में गूंज रहा जयकारा मेरी मैया का,

चारों वेदों में गूंज रहा जयकारा मेरी मैया का……..

हमारी ना मानो तो ब्रह्मा जी से पूछो,

ब्रह्मा जी से पूछो ब्राह्मणी से पूछो,

जिनके वेदों में गूंज रहा जयकारा मेरी मैया का,

चारों वेदों में गूंज रहा जयकारा मेरी मैया का……..

हमारी ना मानो तो विष्णु जी से पूछो,

विष्णु जी से पूछो मैया लक्ष्मी से पूछो,

जिनके चक्र में गूंज रहा जयकारा मेरी मैया का,

चारों वेदों में गूंज रहा जयकारा मेरी मैया का……..

हमारी ना मानो तो भोले से पूछो,

भोले बाबा से पूछो मैया गौरा से पूछो,

जिनके डमरू में गूंज रहा जयकारा मेरी मैया का,

चारों वेदों में गूंज रहा जयकारा मेरी मैया का……..

हमारी ना मानो तो राम जी से पूछो,

राम जी से पूछो सीता मैया से पूछो,

जिनके धनुष में गूंज रहा जयकारा मेरी मैया का,

चारों वेदों में गूंज रहा जयकारा मेरी मैया का……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।