मैं तो कावर ले आई तेरे दवार भोले नाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मैं तो कावर ले आई तेरे दवार भोले नाथ,

तेरी महिमा है जग में अपार भोले नाथ,

भोले भंडारी सुनो अरज हमारी जल लेके आये हम सरे पुजारी,

मेरे जल को भी कार्लो सवीकार भोले नाथ,

तेरी महिमा है जग में आपार भोले नाथ,

बरसो से ईशा थी कंवार ले आऊ,

अपने भोले बाबा को मैं नेहलाऊ,

अब खोलो कवाडिया खड़े दर पे कवाडिया,

करदे हमको भी भव से तू पार भोले नाथ,

तेरी महिमा है जग में आपार भोले नाथ,

सावन महीने में कांवर झुलाती,

मन चाहा फल भोले बाबा से पाती,

आऊ शरण में औ साथ में कंवार लाऊ,

चदा के जल भोले पे ये जीवन सफल बनाऊ

सबको देते बराबर ये प्यार भोले नाथ,

तेरी महिमा है जग में आपार भोले नाथ,

भोले भंडारी सुनो अरज हमारी जल लेके आये हम सरे पुजारी,

मेरे जल को भी कार्लो सवीकार भोले नाथ,

तेरी महिमा है जग में आपार भोले नाथ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।