देश देवी आशापुरा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया आशापूरा देश देवी आशापुरा रे,

मैया आशापूरा देश देवी आशापुरा,

मैया आंसू तू बोछे तीन लोक के,

मैया मेरी भी सुनले तू प्रार्थना,

मैया आशापूरा देश देवी आशापुरा रे,

मैया आशापूरा देश देवी आशापुरा....

हो…दुखिया हूँ ख़ाली हाथ आया में तेरे द्वार,

बाल तेरा समजके मेरी भी ले सम्भाल,

दुखिया हूँ ख़ाली हाथ आया में तेरे द्वार,

बाल तेरा समजके मेरी भी ले सम्भाल....

अमी आँखो से, व्हाल की बातो से,

अमी आँखो से, व्हाल की बातो से,

मैया आंसू तू बोछे तीन लोक के,

मैया मेरी भी सुनले तू प्रार्थना,

मैया मेरी भी सुनले तू प्रार्थना,

मैया आशापूरा देश देवी आशापुरा रे,

मैया आशापूरा देश देवी आशापुरा.....

हो…हर्ष और स्नेह से माँ को बधाई की,

अंधकार छोड़ माँ ने उजाला भी दे दिया....

अमी आँखो से, व्हाल की बातो से,

अमी आँखो से, व्हाल की बातो से,

माँ ने पूरा किया मन का ओरता,

मेरा मनगमता आया रे नोरता,

मेरा मनगमता आया रे नोरता,

मैया आशापूरा देश देवी आशापुरा रे,

मैया आशापूरा, देश देवी आशापुरा,

मैया आंसू तू बोछे तीन लोक के,

मैया मेरी भी सुनी तूने प्रार्थना,

मैया मेरी भी सुनी तूने प्रार्थना....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।