मनोना वाले श्याम धनी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मनोना वाले श्याम धनी तेरे दर पर आया हूं,

तू हाथ पकड़ ले मेरा दुनिया छोड़ के आया हूं,

मनोना वाले श्याम धनी,

ओ मेरे बाबा श्याम धनी………….

मैंने देखी है दुनिया बाबा ना कोई किसी का साथी है,

दुखों से लड़के हार गया मैंने खुशी सभी को बाटी है,

धन दौलत क्या माया है,

मैंने तुझको ही अपनाया है,

धाम मनोना में रह जाऊं तेरा दास बनके मैं,

उस मतलब की दुनिया से मुंह में मोड़ आया हूं,

मनोना वाले श्याम धनी ओ मेरे बाबा श्याम धनी……….

तू मुर्दे को भी जीवित कर दे बाबा तुझ में कितनी शक्ति है,

मनोना वाले श्याम धनी तेरी करूं मैं दिल से भक्ति है,

तेरे रंग में बाबा रंग जाऊं,

तू हाथ पकड़ना बिछड़ जाऊं,

जिला बरेली धाम मनोना लागे प्यारा है,

मतलबी लोगों से हर रिश्ता तोड़ आया हूं,

मनोना वाले श्याम धनी मेरे बाबा श्याम धनी………

बाबा मुझ पर भी कृपा कर दो,

मैं भी किस्मत का मारा हूं,

मेरी नौका पार लगा दो कई बार मैं हारा हूं,

तेरा चमत्कार भी अनोखा है सब सच है ना कोई धोखा है,

हारे का है तू ही सहारा कृपा कर बाबा तू,

देख ले तेरे नाम की चादर ओढ़ कर आया हूं,

मनोना वाले श्याम धनी ओ मेरे बाबा श्याम धनी……….

तेरे धाम मनोना में महंत ओमेंद्र गुरु निवास है,

पवन सिंह भाई श्याम धनी बस तेरी जय जयकार करें,

गजेंद्र राणा सोनू तोमर आस लगाए बैठे हैं,

निराशा ही बस मिली है मुझको दरस दिखा जा,

मैं खुद को तेरे धाम मनोना में जोड़ने आया हूं,

मनोना वाले श्याम धनी ओ मेरे बाबा श्याम धनी…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।