ये जिंदगी मिली है दिन दो चार के लिए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ये जिंदगी मिली है दिन दो चार के लिए,

कुछ तो पल निकालो भोले के गुणगान के लिए......

कई पुण्य किए होगे जो ये मानव तन है पाया,

पर भूल गया भगवन को माया ने मन भरमाया,

अब तक तो जीते आए घर परिवार के लिए,

ये जिंदगी मिली है दिन दो चार के लिए......

तूने पाई पाई जोड़ी कोई कमी है छोड़ी,

पर सुनले ये तू सुनले तेरे साथ ना जाए एक कोड़ी,

कुछ घर में पुण्य तो जोड़ो उस पार के लिए,

ये जिंदगी मिली है दिन दो चार के लिए......

ये जग है एक सराए कोई आए और कोई जाए,

इस का दस्तूर पुराना कोई सदा ना टिकने पाए,

अरे शिव भोले को भज ले उद्धार के लिए,

ये जिंदगी मिली है दिन दो चार के लिए.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।