दुनिया बदल ही गयी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जबसे देखी सूरत मैंने महाकाल की,

दुनिया बदल ही गयी,

दुनिया बदल ही गयी,

ओ जबसे देखी सूरत मैंने महाकाल की,

दुनिया बदल ही गयी, दुनिया बदल ही गयी,

दुनिया बदल ही गयी, दुनिया बदल ही गयी……….

उज्जैन की धरती पे बसे महाकाल है,

देते सहारा सबको वो कालों के काल है,

है पायी भस्मि जबसे मैंने महाकाल की,

दुनिया बदल ही गयी, दुनिया बदल ही गयी,

दुनिया बदल ही गयी, दुनिया बदल ही गयी……..

शिवरात्रि का पर्व है, उज्जैन धाम है,

हर एक भगत की ज़ुबा पे महाकाल है,

हो करके भक्ति शिव शंकर और पार्वती की,

दुनिया बदल ही गयी, दुनिया बदल ही गयी.....

जब उज्जैन मैं जाऊँ, दर्शन तेरा मैं पाऊँ,

सब कष्टों को भुलाकर, सुख संतोष कमाऊ.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।