भोले नमः शिवाय

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ नमः शिवाय,

हर हर भोले नमः शिवाय,

नमः शिवाय ॐ नम शिवाय,

हर हर भोले नमः शिवाय।

ॐ रामेश्वराय शिव रामेश्वराय,

हर हर भोले नमः शिवाय,

ॐ गंगाधाराय शिव गंगाधाराय,

हर हर भोले नमः शिवाय,

ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय,

हर हर भोले नमः शिवाय।।

जटाधराय शिव जटाधाराय,

हर हर भोले नमः शिवाय,

ॐ सोमेश्वराय शिव सोमेश्वराय,

हर हर भोले नमः शिवाय,

ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय,

हर हर भोले नमः शिवाय,

ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय,

हर हर भोले नमः शिवाय ||

नागेश्वराय शिव नागेश्वराय,

हर हर भोले नमः शिवाय,

कोटेश्वराय शिव कोटेश्वराय,

हर हर भोले नमः शिवाय,

ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय,

हर हर भोले नमः शिवाय,

ॐ नमह शिवाय ॐ नम शिवाय,

हर हर भोले नमः शिवाय ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।