दो आंसू दे दे चरणों मई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कुछ दिया न दे श्याम इस अपने दीवाने को,

दो आंसू तो दे दे चरणों में बहाने को,

नरसी ने बहाए थे मीरा ने बहाए थे,

जब जब भी कोई रोया तुम दोढ़ के आये थे,

काफी है दो बूंदे घनश्याम रिजने को,

दो आंसू तो दे दे चरणों में बहाने को,

आंसू वो खजाना है किस्मत से मिलता है,

इसके बेह जाने से मेरा श्याम पिगल ता है,

करुना का तू सागर है अब छोड़ बहाने को,

दो आंसू तो दे दे चरणों में चडाने को

दुःख में बह जाते है खुशियों में जरुरी है,

आंसू के बिना संजू हर आँख अधूरी है,

पूरा कर दे अनसु हर एक हरजाने को,

दो आंसू तो दे दे चरणों में बहाने को

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।