जागो मेरे श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण आरती खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

डाली डाली चिड़िया चहक रही,

जागो मेरे श्याम अब भोर भई…….

गूंज उठा है वन कुहुक कुहुक से,

वन उपवन की महक महक ले,

छूने तेरे पाँव ठंडी पवन चली,

जागो मेरे श्याम अब भोर भई…….

मंदिर मंदिर घंटे बाजे,

ढोलक शंख नगाड़ा बाजे,

होने लगी आरती गली गली,

जागो मेरे श्याम अब भोर भई……..

तुझसे ही कान्हा तेज़ है पाकर ,

हौले हौले बढ़ने लगा दिवाकर,

भुवन पे भोर की किरण पड़ी,

जागो मेरे श्याम अब भोर भई……

दुखियों के प्रभु दुख हैं हरने,

दीनो की प्रभु झोलियाँ भरने,

छोड शयन अब त्यागो निंदरी,

जागो मेरे श्याम अब भोर भई………

डाली डाली चिड़िया चहक रही,

जागो मेरे श्याम अब भोर भई……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।