मैं श्याम दिवानी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटूवाले श्याम तेरा ऊँचा बड़ा नाम, तेरे दर दी भिखारन हो गैयाँ,

लगन लगाई ऐसी प्रीत जगाई मैं तो तेरी पूजारन हो गैयाँ,

भक्त सुनाए भगवान को रिझाए मैं तो ऐसी कहानी हो गैयाँ…….

हो गैयाँ हो गैयाँ मैं श्याम दिवानी हो गैयाँ,

हो गैयाँ हो गैयाँ तेरी मस्तानी हो गैयाँ…

पहली पहली बार जदों आख़ियाँ मिलाई थी,

सुध बुध मैंने सारी अपनी गवाई थी,

जग बिसराया तुझे अपना बनाया,

तेरे सुरमे का काजल हो गैयाँ,

हो गैयाँ हो गैयाँ मैं श्याम दिवानी हो गैयाँ…….

पहली पहली बार जदों मुरली बजाई थी,

जलती अंगीठी छोड़ा दौड़ी चली आइ थी,

तन मन हारी मेरे श्याम मुरारी,

तुझपर बलहारी हो गैयाँ,

हो गैयाँ हो गैयाँ मैं श्याम दिवानी हो गैयाँ….

पहली पहली बार जदों छवि दिखलाई थी,

मीठी मुस्कान मेरे मन में समाई थी,

सुन जादू गारे तेरे लट घुघरारे,

में उन में उलझा कर खो गैयाँ,

हो गैयाँ हो गैयाँ मैं श्याम दिवानी हो गैयाँ….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।