मेरी बगिया में आई बहार सवार खड़ी शेरावाली

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी बगिया में आई बहार सवार खड़ी शेरावाली.....

ऊंचे भवन मां की चमके बिजुरिया,

गंगा चरण धोये बाजे पायलिया,

बहे आंचल से शीतल बयार सवार खड़ी शेरावाली....

झुक झुक जाए फुलवन की डाली,

चम चम चमके चुनरिया लाली,

सरगम की सातों रसधार सवार खड़ी शेरावाली.....

एक मालिन मां के हंस के पैंया लागे,

नाच रही झूम झूम शेरावाली के आगे,

मालिन का हुआ उद्धार सवार खड़ी शेरावाली.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।