लिख दो मेरे रोम रोम में राम

पारंपरिक
महादेव भजन राम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

लिख दो मेरे रोम रोम में राम,

राम राम और रमा पति…..

शीश पे मेरे शिवजी लिख दो,

कानो पे कन्हैया जी

नैनो में नरसिंह लिख दो,

नाक पे नाग नथेया जी,

लिख दो मेरे रोम रोम में राम,

राम राम और रमा पति…..

होंठों पे हरी जी लिख दो,

दांतो पे दयालु राम जी,

और जीभ पे जगदीश लिख दो,

कंठ पे कमलापति राम जी,

लिख दो मेरे रोम रोम में राम,

राम राम और रमा पति…..

गला में मेरे गिरधारी लिख दो,

मुख पर मुरली वाले श्याम जी,

भुजा पे भगवान लिख दो,

हाथो पे मेरे हनुमाना जी,

लिख दो मेरे रोम रोम में राम,

राम राम और रमा पति…..

छाती पे मेरे चतुर्भुज लिख दो,

पेट पे परमेश्वर राम जी,

नाभी पे नारायण लिख दो,

जांघो पे जय सियाराम जी,

लिख दो मेरे रोम रोम में राम,

राम राम और रमा पति…..

घुटने पे गोविंदा लिख दो,

पीठ पे परमानन्द राम जी,

चोटी पे आशा गिरी लिख दो,

चरणों में लिख दो चारो धाम जी,

लिख दो मेरे रोम रोम में राम,

राम राम और रमा पति…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।