बैठे बाबा धाम पे रहते हो दरबार में

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बैठे बाबा धाम पे रहते हो दरबार में,

भक्तो के घर आना होगा होली के त्यौहार में.....

प्यारी सी रुत आई बाबा आई फागुन मास में,

भक्तो के संग खेलो आके रंगे की फुहार में,

भक्तो के घर आना होगा होली के त्यौहार में.....

बने दीवाने फिरते है हम बाबा तेरे प्यार में,

लालो लाल कर देगे हम रंग लेके हाथ में,

भक्तो के घर आना होगा होली के त्यौहार में.....

ठंडी ठंडी मस्तानी सी चली खूब पुरवाई है,

नील गगन में उड़के आजा काहे देर लगाई है,

भक्तो के घर आना होगा होली के त्यौहार में.....

भकत तेरे है तू भक्तो का खास प्रेम का नाता है,

होली फाग खेलना बाबा तेरे संग में भाता है,

भक्तो के घर आना होगा होली के त्यौहार में.....

जोर जोर से जय बोलेगे बजरंगी महावीर की,

भर पिचकारी मारेगे ओ बाबा रंग अबीर का,

भक्तो के घर आना होगा होली के त्यौहार में.....

सारा दिन खेलेगे होली मंदिर वाले चौक में,

दर्शन भी हो जाएँगे भजन भाव के शौक में,

भक्तो के घर आना होगा होली के त्यौहार में.....

भूल ना जाना जल्दी आना माँ अंजनी के लाला रे,

नाच नाच के होली खेले होगा बड़ा कमाल रे,

भक्तो के घर आना होगा होली के त्यौहार में......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।