शिव शंकर मेरा प्यारा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हाथो में मेहंदी पेरो में रोली,

शिव जी रंग शक्ति रंगोली,

प्रेम रंग वो लगा के बोली,

आँखे खोलो प्रभु आई होली......

शिव शंकर मेरा प्यारा,

बड़े दिल वाला मेरा भोला भला है......

भांग पीते के चिलम खिच के झूम भूतों की टोली,

भर भर मठके खुद पी जाए.. लगे गरज सी बोली...

गंगा बहा भोले मुझको भीगा दे,

अपने ही रंग में मुझे हमको रंगा ले,

तेरा तो मैं हूं बालक प्यारा, बड़े दिल वाला,

मेरा भोला भला है,

शिव शंकर मेरा प्यारा,

बड़े दिल वाला मेरा भोला भला है......

मुस्कान देख के भोले की गौर मैया हुई दीवानी,

शिव प्रेम में देखो रंगी हुई सुख छोड़ महल की रानी.....

तेरी अदा भोले सबसे जुदा,

गौरा मैया ही नहीं पूरी दुनिया फिदा,

खोले तू किस्मत का ताला, बड़े दिल वाला मेरा भोला भला है,

शिव शंकर मेरा प्यारा,

बड़े दिल वाला मेरा भोला भला है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।