मेरी मैया तुझे बचायेगी

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

क्या दुनिया तुझे सतायेगी, क्या किस्मत तुझे रुलाएगी,

हर अला-बला, हर मुश्किल से मेरी मैया तुझे बचायेगी,

वो जग जननी सब जाने है, तेरा भला-बुरा पहचाने है,

जो भी हितकर है तेरे लिये, मेरी मैया तुझे दिलाएगी,

मेरी दाती तुझे दिलाएगी......

जय मा भवानी, जय माँ शिवानी,

मां के उपकारों की, दुनिया दीवानी.....

मैया के तराजू में, सुख-दुख बराबर है,

दुख भी लगे सुख सा, विश्वास जो मां पर है,

देवों को भी तारे है, मा की ऐसी ममता है,

तिरलोक में मां जैसी, न किसी मैं क्षमता है,

वो बिन माँगे दे जायेगी, तेरी हर विपदा हर जाएगी,

हर स्वाद तुझे तेरी जीत का, मेरी मैया सदा चखाएगी,

मैया ही विजय दिलाएगी.....

जय मां भवानी, जय मां शिवानी,

मा के चमत्कारों की, दुनिया दीवानी.....

सदा शेर पे ही भैया, करती सवारी है,

शेर दिल ही बनते, मां के जो भी पुजारी हैँ,

लाल वरण मा का, सदा चमके है लालम्-लाल,

मां के सच्चे भगत को ही, कहते है माई का लाल,

मां जब करुणा बरसाएगी,झोली भी कम पड़ जायेगी,

आँचल तले, सर आँखों पे, मेरी मैया तुझे बिठायेगी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।