भोले बाबा अर्जी को ना ठुकराना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले बाबा अर्जी को ना ठुकराना,

रंग होली खेलन दास आयो है.......

सेज फूलों से तेरा सजाए,

भोग छप्पन तुझे है लगाए,

भोले बाबा अर्जी को न ठुकराना,

रंग होली खेलन दास आयो है.....

महके रंगो सी सबकी दुनिया,

हो सबके घरों में खुशियां,

भोले बाबा अर्जी को न ठुकराना,

रंग होली खेलन दास आयो है.......

सात रंगों से होली मनाए,

लाडू पेड़े और पकवान खाएं,

भोले बाबा अर्जी को न ठुकराना,

रंग होली खेलन दास आयो है.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।