आजा म्हारा सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटूवाले क्यू नही आवे थारा बिलखे टाबरिया,

लीले घोड़े चढ़कर आजा-आजा महारा सांवरिया......

थे नही आवो ओ सांवरिया मने बता कुन आवेगो,

थारे भोला टाबरियां गी कुणसो लाज़ उई बचावें गो,

थारे रुस्या पार पड़ेना म्हारी डोले है नैया,

लीले घोड़े चढ़कर आजा......

थे आओ जद ओ सांवरिया थारा लाड लड़ावागा,

देसी घी को बना चूरमो तन्ने खूब जीमवागा,

होसी चंग धमाल सांवरा थारा नाचे सेवकिया,

लीले घोड़े चढ़कर आजा......

म्हारी अर्जी नही सुनी तो हो जागी रुसवाई रे,

था बिन भगता की ओ बाबा कुन करसी सुनवाई रे,

श्याम बहादुर गुण थारा गावे निरखे थारी सूरतिया,

लीले घोड़े चढ़कर आजा......

विक्की शर्मा (श्री गंगानगर) राजस्थान

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।