॥ पावन पाठ ॥
हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा,
हारे का सहारा....
खाटू का देव निराला यो लीले घोड़े वाला,
इसका शिंगार गज़ब का, करदे सबको मतवाला,
खाटू का देव निराला......
खाटू में बैठ्या बाबा खूब ये माल लुटावे,
श्याम प्रेमी तो हर पल इसकी सेवा ही चाहे,
सेठो का सेठ सांवरा बड़ा ही ठाठ निराला,
इसका शिंगार गज़ब का, करदे सबको मतवाला,
खाटू का देव निराला...........
दरबार अनोखा है, दरबार अनोखा है,
खाटू वाले श्याम धणी, तेरा प्यार अनोखा है.....
सच्ची सरकार निराली श्याम मेरा बनडा लागे,
गले बैजंती माला कानो में कुण्डल साजे,
अंकुर पे श्याम धणी ने कैसा जादू कर डाला,
इसका शिंगार गज़ब का, करदे सबको मतवाला,
खाटू का देव निराला.......
हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा,
हारे का सहारा.........