हे कान्हा मेरा जीवन तुम सफल बना देना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हे कान्हा मेरा जीवन तुम सफल बना देना ,

मेरे दिल मेँ तुम रहना, मुझको अपनालेना ॥

तेरी मोहिनी मूरत का, हर पल दीदार करूँ,

ना चाहूँ कुछ जग से, बस तुमको प्यार करूँ,

बस इक बार कान्हा, मुझे गले लगा लेना,

मेरे दिल मेँ तुम रहना, मुझको अपनालेना ॥

तेरी बँशी की धुन पे, मैँ सुधबुध खो बैठी,

इक दरस तेरा पाकर, मैँ तेरी हो बैठी,

नहीँ नजर हटे तुमसे, यह मोह जगा देना,

मेरे दिल मेँ तुम रहना, मुझको अपनालेना ॥

भव से मैँ तर जाऊँ, उपकार करो कान्हा,

जनमोँ के झँझट से, मुझे पार करो कान्हा,

मैँ जब भी तन छोणूँ, तुम खुद मेँ मिला लेना,

मेरे दिल मेँ तुम रहना, मुझको अपनालेना ॥

हे कान्हा मेरा जीवन तुम सफल बना देना,

मेरे दिल मेँ तुम रहना, मुझको अपनालेना ॥

भजन रचना: ज्योति नारायण पाठक

वाराणसी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।