आयो सांवरियो सरकार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

काल रात ने सपनो आयो बाबो हेला मारे,

मंदिर में मेरो मन नहीं लागे मन्ने ले चालो सागे,

काल रात ने सपनो आयो.....

कई दिना से उडीक आया, फागण की रुत आई जी,

मीठी मीठी प्यारी बसंती, वो संदेसो ल्याई जी,

फागण का दिन चार भक्तों, हो जाओ तैयार आयो,

होली रो त्यौहार सांवरो, आवेलो जी आवेलो......

गर जोर मेरो चाले, हीरा मोट्या से नज़र उतार दू,

जाइयाँ वारु लुड़ राई बाबा, सोना चांदी वार दू.....

मूछ्या की मरोड़ कैसो रूप है निराला,

घूंघर वाला बाल मेरो सांवरो रूखालो,

लीले की टाप टप टप खड़के,

आयो सांवरियो सरकार लीले पे चढ़के,

आयो मोटोड़ो म्हारो यार लीले पे चढ़के,

लीले पे चढ़के यो घोड़े पे चढ़के,

आयो सांवरियो सरकार.........

हो डोरी खेंच के राखिजे यो है बाबा को निशान,

पैदल चालणिया के सागे चाले बाबो श्याम....

आप भी नाचे छैलो, भगता ने नचावे,

कोई नाचे और नचावे रे खाटू में....

मेरा श्याम रंगीला पलका उघाड़ो फागण आ गया,

पलका उघाड़ो फागण आ गया,

मेरा छैल छबीला, पलका उघाड़ो फागण आ गया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।