गौरा तेरी धड़कन में दिल भोले का धड़कता है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गौरा तेरी धड़कन में दिल भोले का धड़कता है……

गौरा तेरे माथे का टीका बड़ा प्यारा है,

देख तेरी बिंदिया को दिल भोले का धड़कता है…….

गौरा तेरे गली का हलवा बड़ा प्यारा है,

देख तेरी माला को दिल भोले का धड़कता है…..

गौरा तेरे हाथों में कंगन बड़ा प्यारा है,

देख तेरी मेहंदी को दिल भोले का धड़कता है..

गौरा तेरे ढूंगे की तगड़ी बड़ी प्यारी है,

देख तेरे गुचछे को दिल भोले का धड़कता है…

गौरा तेरे पैरों की पायल बड़ी प्यारी है,

देख तेरी महावर को दिल भोले का धड़कता है…

गौरा तेरे अंगों की साड़ी बड़ी प्यारी है,

देख तेरी चुनरी को दिल भोले का धड़कता है…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।