कोई पूछे की साई से रिश्ता है क्या

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॥ पावन पाठ ॥

कोई पूछे के साई से रिश्ता है क्या,

कह देना साफ़ उनसे यार लग दा नि मेरा यार लगदा,

कोई पूछे के साई से रिश्ता है क्या,

कह दूंगा उनसे साफ़ लो देखो देखो,

यार लगदा नि मेरा यार लगदा साई मेरा सोहना दिल दार लगदा.....

साई की दया से मेरा काम हो गया,

ऐसा हुआ बदनाम के नाम हो गया,

साई जी हमारा पहरे दार लगदा,

साई जी हमारा दिल दार लगदा,

कोई पूछे के साई से रिश्ता है क्या......

मेरे सोहने साई ने कमाल किया है,

जिसने माँगा उसे माला माल किया है,

साई जी हमारा करतार लगदा,

साई ही हमारा दिल दार लगदा,

कोई पूछे के साई से रिश्ता है क्या......

जो भी सच्ची सेवा से काम करेगा,

मेरा साई उसका बड़ा नाम करेगा,

साई जी हमारा सलाहाकार लगदा,

साई जी हमारा दिल दार लगदा,

कोई पूछे के साई से रिश्ता है क्या,………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।