अवध में होली खेलें रघुवीरा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

होली खेलें रघुवीरा, अवध में होली खेलें रघुवीरा……

संग में खेलें जानकी माता,

हनुमत भरत लखन सब भ्राता,

बीच खड़े रघुवीरा,

होली खेलें रघुवीरा,

अवध में होली खेलें रघुवीरा……

अपने दास पे रंग डाला रघुवर,

किरपा की पिचकारी भरकर,

कोयला बन जाये हीरा,

होली खेलें रघुवीरा,

अवध में होली खेलें रघुवीरा……

रंग केसरिया राम जी को भावे,

जनक दुलारी माँग सजावें,

हनुमत रंगें शरीरा,

होली खेलें रघुवीरा,

अवध में होली खेलें रघुवीरा……

ऐसा रंग तुलसी पे डाला,

राम चरित मानस रच डाला,

सबपे किरपा करो रघुवीरा,

होली खेलें रघुवीरा,

अवध में होली खेलें रघुवीरा……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।