गोकुल मथुरा वृंदावन में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गोकुल मथुरा वृंदावन में

धूम मची है कान्हा की,

गोकुल मथुरा वृंदावन में

धूम मची है कान्हा की………

गोकुल मथुरा वृंदावन में

धूम मची है कान्हा की,

गोकुल मथुरा वृंदावन में

धूम मची है कान्हा की……..

कान्हा की, मेरे कान्हा की,

बरसाने वाली राधा की

कान्हा की, मेरे कान्हा की,

बरसाने वाली राधा की……….

रही ना बाकी, जग की तृष्णा,

रही ना बाकी, जग की तृष्णा,

बोले मनुआ राधे कृष्णा

रही ना बाकी, जग की तृष्णा,

बोले मनुआ राधे कृष्णा…….

राधे कृष्णा, राधे कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा, राधे राधे

राधे, राधे, राधे, राधे, राधे, राधे,

राधे, राधे, राधे, राधे, राधे, राधे…………

बिन कान्हा के राधा अधूरी,

बिन राधा के कृष्णा

कान्हा बोले राधे राधे,

राधा कृष्णा कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा,

ब्रज की गलियां झूमें नाचें,

ब्रज की गलियां झूमें नाचें,

महक उठी है निधिवन की……….

गोकुल मथुरा वृंदावन में

धूम मची है कान्हा की,

गोकुल मथुरा वृंदावन में

धूम मची है कान्हा की,

राधे, राधे, राधे, राधे, राधे, राधे,

राधे, राधे, राधे, राधे, राधे, राधे

राधे, राधे, राधे, राधे, राधे, राधे,

राधे, राधे, राधे, राधे, राधे, राधे…..

कान्हा है रसिया मन बसिया,

राधा जग जननी जग रानी,

मां राधे को हर कोई साधे,

मां राधे से पावन वाणी,

राधा रानी, राधा रानी,

कान्हा का हर खेल निराला,

कान्हा का हर खेल निराला,

राधा महक है सावन की…

गोकुल मथुरा वृंदावन में

धूम मची है कान्हा की,

गोकुल मथुरा वृंदावन में

धूम मची है कान्हा की……….

राधे राधे, राधे राधे, राधे राधे

राधे राधे, राधे राधे, राधे राधे…………

राधे कृष्णा, राधे कृष्णा,

राधे कृष्णा, राधे कृष्णा,

कृष्णा,

राधे कृष्णा,

हरे कृष्णा……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।