ये रातें ये मौसम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा,

ज़माने से केहदो, के कान्हा से कभी हम, न होंगे जुदा,

ये रातें ये मौसम.....

जन्मों से तुम मेरे संग संग चले थे,

गोकुल की गलियों में हम तो पले थे,

तूने माखन चुराया, मुझे भी खिलाया,

सबकुछ हे तेरा, और मांगू में क्या,

ये रातें ये मौसम.......

यमुना के तट पर जब तुम मिले थे,

चारों तरफ जैसे गुलशन खिले थे,

वो थी तेरी छाया, या थी कोई माया,

जीवन उसी क्षण से धन्य हुआ,

ये रातें ये मौसम......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।