माँ बंगलामुखी के धाम

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अजब निराली शक्ति है , माँ बंगलामुखी के नाम में ॥

इच्छा पूर्ण हो जाए , माँ बंगलामुखी के धाम में ॥

जो चाहे वो मिल जाए , माँ कभी न देर लगाए ॥

जो भी आये द्वार मईया , के सबकी आस पुजाये ॥

हर पल आप सहाई होती , भक्तों के शुभ काम में ॥

गुरुवार को मईया के , दरबार पे मेले लगते है ॥

शंख , नाद , घडीयाल , नगाड़े , माँ के दर पे बजते हैं ॥

झूम रहे है भक्त मंदिर में , रात और दिन सुबह शाम में ॥

वंनखंडी पर्वत से चल , कर आई आधभवानी ॥

बंगलामुखी धाम में बैठी , जगजन्नी महारानी ॥

दुष्टों का अविनाश हैं , उनके बुरे परिणाम में ॥

पीले वस्त्र पहन पुजारी , माँ का ध्यान लगाते हैं ॥

योगी राज सत्यनाथ जी , हवन यज्ञ करवाते हैं ॥

पीले वस्त्र शोभा देते , माँ की सुन्दर शान में ॥

Singer :- kumar sanjeev

Contact :- 098141 62145

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।