होली खेल रहे नंदलाल राधा संग बरसाने में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( बरसाने की गलियन में सखियां मचावे शोर,

होली खेलन आ गए हो नटवर नंद किशोर॥ )

होली खेल रहे नंदलाल राधा संग बरसाने में,

संग बरसाने में मगन भए रंग उड़ाने में.....

राधा करे तैयारी संग बुलालई सखियां सारी,

उधर कन्हैया ग्वाल बाल संग भर मारे पिचकारी,

चुनरी भीग गई राधा की हाय शर्माने में,

होली खेल रहे नंदलाल राधा संग बरसाने में.....

एक तरफ वृंदावन देखो एक तरफ बरसाना,

राधे कृष्ण की होली देखन आयो सगरो जमाना,

कोई कसर नहीं छोड़ेंगे हम धूम मचाने में,

होली खेल रहे नंदलाल राधा संग बरसाने में.....

जन्मो जन्म नहीं छूटे राधिका ऐसो रंग लगा दे,

बृज की होली में नंदगांव को ऐसो मिलन करवा दे,

राधे कृष्ण की होली के चर्चे खूब जमाने में,

होली खेल रहे नंदलाल राधा संग बरसाने में.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।