भीगी जाए ये खाटू नगरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

होली है होली है रंगों की होली है,

भीगी जाए ये खाटू नगरिया,

ओ श्याम सांवरिया के द्वारे तेरे रंग बरसे......

होली रंगों की है, होली फूलों की है,

छायी रंगों की प्यारी बदरिया,

ओ श्याम सांवरिया के द्वारे तेरे रंग बरसे,

भीगी जाए ये खाटू नगरिया,

ओ श्याम सांवरिया के द्वारे तेरे रंग बरसे………

दिन ग्यारस का है दिन बारस का है,

मेल होली का देखूं चढ़ अटरिया,

ओ श्याम सांवरिया के द्वारे तेरे रंग बरसे,

भीगी जाए ये खाटू नगरिया,

ओ श्याम सांवरिया के द्वारे तेरे रंग बरसे……..

तू मंदिर में है दिल के अंदर में है,

डालो भक्तों पे एक नजरिया,

ओ श्याम सांवरिया के द्वारे तेरे रंग बरसे,

भीगी जाए ये खाटू नगरिया,

ओ श्याम सांवरिया के द्वारे तेरे रंग बरसे……..

महिना फागुल का है तेरी मस्ती का है,

हो मोटे नैना कमल सिंह कटरिया,

ओ श्याम सांवरिया के द्वारे तेरे रंग बरसे,

भीगी जाए ये खाटू नगरिया,

ओ श्याम सांवरिया के द्वारे तेरे रंग बरसे……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।