मोटे मोटे नैन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम तेरे मोटे मोटे नैन, कज़रारे तेरे नैन,

मुखड़े का तेज तेरा, मेरे दिल का छीने चैन,

गोरे गोरे गाल तुम्हारे घूँघर वाले बाल,

प्यारी मुस्कान तेरी होठ तुम्हारे लाल,

श्याम तेरे मोटे मोटे नैन, कज़रारे तेरे नैन......

मोर पंख मुकुट पर, हिरे मोती रतन जडे,

तन पर केसरिया बागा, सिर पर चवर डूले,

सांवली सुरत बाबा है प्यारी प्यारी,

चंचल छवि थारी सबसे है न्यारी,

तेरे नैना छीने चैना,

गोरे गोरे गाल तुम्हारे घूँघर वाले बाल,

प्यारी मुस्कान तेरी होठ तुम्हारे लाल,

श्याम तेरे मोटे मोटे नैन, कज़रारे तेरे नैन......

जब से देखा है तुमको, दिल मे बसाया है,

तब से सपनो मे बस, तू ही आया है ,

आशिक हूँ मै तेरा तुझको चाहता हूँ,

हर दिन हर पल बाबा तुझको ध्याता हूँ,

तेरे नैना छीने चैना,

गोरे गोरे गाल तुम्हारे घूँघर वाले बाल,

प्यारी मुस्कान तेरी होठ तुम्हारे लाल,

श्याम तेरे मोटे मोटे नैन, कज़रारे तेरे नैन….

तेरे नैनो से मैंने नैन मिलाया है,

तेरे नैनो ने मुझपे जादू चलाया है,

नैन नशीले तेरे नशा चढ़ जाये,

देखे जो इनमे भव से तर जाए,

रोहित के नैन, देखे दिन रैन,

गोरे गोरे गाल तुम्हारे घूँघर वाले बाल,

प्यारी मुस्कान तेरी होठ तुम्हारे लाल,

श्याम तेरे मोटे मोटे नैन, कज़रारे तेरे नैन….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।