आला रे आला गणपति मौर्या

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आला रे आला गणपति आला,

दयालु कृपालु बड़े दिल वाला,

ले आओ लड्डू और फूल माला………

घरघर आज खुशिया है छाई,

गणपति की मूरत घर मे जो आई,

मिलजुलकर लोग दे रहे बधाई,

सारा जहा गणपति को पूजे,

चाहे हो मुबई या पटियाला,

आला रे आला गणपति आला…..

कोई जल चढ़ाते तो कोई मेवा,

हर कोई गणपति करता है सेवा,

गुज रहा है जय जय जय देवा,

गणपति बप्पा जय देवा जय देवा,

आया है सबको सुख देने वाला,

सबका विध्न हरने वाला,

आला रे आला गणपति आला………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।