अजब होली खेलें हमारे भोले बाबा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अजब होली खेलें हमारे भोले बाबा,

अजब होली खेलें गजब होली खेलें......

अबीर गुलाल के थाल भरे है,

थाल भरे है थाल भरे है,

भस्मी की होली खेले हमारे भोले बाबा,

अजब होली खेलें हमारे भोले बाबा.....

ढोलक बाजे मंजीरा बाजे,

जीरा बाजे जीरा बाजे,

डमरू को लेके नाचे हमारे भोले बाबा,

अजब होली खेलें हमारे भोले बाबा.....

मोदक लड्डू के थाल भरे है,

पापड़ गुजिया के थाले भरे है,

धतूरा पाइक नाचे हमारे भोले बाबा,

अजब होली खेलें हमारे भोले बाबा......

कोई पहने साडी कोई धोती कुर्ती,

कोई धोती कुर्ती हाँ कोई धोती कुर्ती,

बाघम्बर ओढ़े नाचे हमारे भोले बाबा,

अजब होली खेलें हमारे भोले बाबा…..

झूम झूम नर नारी नाचे,

नारी नाचे नर नारी नाचे,

भूतो के संग नाचे हमारे भोले बाबा,

अजब होली खेलें हमारे भोले बाबा…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।