बाबा श्याम बड़ा रंगीला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा श्याम बड़ा रंगीला,

बाबा श्याम बड़ा रंगीला,

मस्तियाँ बरसेगी,

मस्तियाँ बरसेगी कीर्तन में,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम……..

कोई इसको रिझाकर देखे,

कोई श्याम को रिझाकर देखे,

उमरिया सुधरेगी,

उमरिया सुधरेगी कीर्तन में,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम……..

मेरा श्याम बड़ा रँगीला,

बाबा श्याम बड़ा रंगीला,

मस्तिया बरसेगी,

मस्तिया बरसेगी कीर्तन में,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम……..

कोई इस को सजाकर देखे,

कोई श्याम को सजाकर देखे,

खुशबू महकेगी,

खुशबू महकेगी कीर्तन में,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम……..

मेरा श्याम बड़ा रँगीला,

बाबा श्याम बड़ा रंगीला,

मस्तिया बरसेगी,

मस्तिया बरसेगी कीर्तन में,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम……..

कोई आँख लड़ाकर देखे,

कोई आँख लड़ाकर देखे,

धड़कन मचलेगी,

धड़कन मचलेगी कीर्तन में,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम……..

मेरा श्याम बड़ा रँगीला,

बाबा श्याम बड़ा रंगीला,

मस्तिया बरसेगी,

मस्तिया बरसेगी कीर्तन में,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम……..

कोई इस को नचाकर देखे,

कोई श्याम को नचाकर देखे,

मुरलिया गूंजेगी,

मुरलिया गूंजेगी कीर्तन में,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम……..

मेरा श्याम बड़ा रँगीला,

बाबा श्याम बड़ा रंगीला,

मस्तिया बरसेगी,

मस्तिया बरसेगी कीर्तन में,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम……..

‘नंदू’ चलो भजन सुनावा,

‘नंदू’ चलो भजन सुनावा,

चदरिया निखरेगी,

चदरिया निखरेगी कीर्तन में,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम……..

मेरा श्याम बड़ा रँगीला,

बाबा श्याम बड़ा रंगीला,

मस्तिया बरसेगी,

मस्तिया बरसेगी कीर्तन में,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम,

रंगीलो मेरो बाबा श्याम……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।