मै तो घर को ही मंदिर बनाउंगी

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मै तो घर को ही मंदिर बनाउंगी तीर्थ नही जाउंगी.....

ससुर मेरे को राजा दशरथ बनाउंगी,

साँस को कौशल्या बनाउंगी तीर्थ नही जाउंगी,

मै तो घर को ही मंदिर बनाउंगी तीर्थ नही जाउंगी.....

जेठ मेरे को राजा राम बनाउंगी,

जिठानी को सीता बनाउंगी तिरथ नही जाउंगी,

मै तो घर को ही मंदिर बनाउंगी तीर्थ नही जाउंगी.....

देवर मेरे को लक्ष्मण बनाउंगी,

दुरानी को उर्मिला बनाउंगी तिरथ नही जाउंगी,

मै तो घर को ही मंदिर बनाउंगी तीर्थ नही जाउंगी......

ननदोई मेरे को मै कान्हा बनाउंगी,

ननदी को राधा बनाउंगी तिरथ नही जाउंगी,

मै तो घर को ही मंदिर बनाउंगी तीर्थ नही जाउंगी......

राजा मेरे को मै तो विष्णु बनाउंगी,

खुद लक्ष्मी बन जाउंगी तिरथ नही जाउंगी,

मै तो घर को ही मंदिर बनाउंगी तीर्थ नही जाउंगी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।