चामड़ा की पुतली भजन करले

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

भजन करले भजन करले,

चामड़ा की पुतली भजन करले.....

चामड़ा का हाथी घोड़ा चामड़ा का ऊंट,

चामड़ा की नौबत बाजे, भाजे चारय खुट,

भजन करले......

चामड़ा का राजा रानी चाम का वजीर,

चामड़ा का बामण बनिया, चाम का फ़कीर,

भजन करले......

चामड़ा का बछड़ा ने चामड़ा की गाय,

चामड़ा से दूध निकले, चामडो मे जाय,

भजन करले......

चामड़े की मसक बनाई वा मे ठंडो नीर,

चामड़े की दुनिया सारी, कह गये दास कबीर,

भजन करले.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।