बली राजा को छलने आये

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

हरी बामन भेष बनाये बली राजा को छलने आये.....

इनके नन्ने नन्ने हाथ इनके नन्ने नन्ने पांव,

मृग छाला बगल में दबाये,

बली राजा को छलने आये.....

माथे तिलक सोहे. शिर पर छत्र धरे,

हाथौ में कमण्डल झुलाये,

बली राजा को छलने आये.....

कोधे जनेऊ धरे सिर पे चोटी सोहे,

चरणों में खडाऊ सुहाये,

बली राजा को छलने आये.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।