आजा बाबा आजा माता का वचन निभा जा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

आजा बाबा आजा माता का वचन निभा जा,

हारा हूँ मैं बाबा अब हारा हूँ मैं बाबा,

आजा बाबा आजा.....

अपना अपना कहने वाले झूठे हैं सब साथी,

ठोकर खाकर भी मुझको ये बात समझ ना आती,

एक तू ही सच्चा साथी बाबा रे धीर बंधा जा,

हारा हूँ मैं बाबा अब हारा हूँ मैं बाबा,

आजा बाबा आजा.....

धन दौलत तो देता तू ही भाव ही लेने आजा,

पार मेरे ना भोग हज़ारों रुखा सूखा खा जा,

छोड़ के सेठों का घर मेरी कुटिया में भी आजा,

हारा हूँ मैं बाबा अब हारा हूँ मैं बाबा,

आजा बाबा आजा.....

लाखों नहीं करोडो की है तूने बिगड़ी सँवारी,

जानता हूँ मैं अब आएगी हेमंत की भी बारी,

अंसुवन से भरे ये नैना नैनो से नैन मिला जा,

हारा हूँ मैं बाबा अब हारा हूँ मैं बाबा,

आजा बाबा आजा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।