हनुमत का हाथ अपने सर

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

रूह कांप रही थी मेरी,

मन में डर डर डर था,

मन बोला जय जय बजरंग बली,

जय जय वीर हनुमान,

काहे को डर,

जब हनुमत का हाथ अपने सर…..

एक सुनसान भयंकर रात थी,

घोर घोर अंधेरे की बात थी,

काप रहा था सारा अंग अंग,

मन से बोला जय जय बजरग,

बोला हनुमते और पहुंच गया घर.....

भूत चुड़ैल पास नही भटकते,

जब हनुमान का नाम रटते,

हर मुश्किल का हल हनुमान,

तन मन धन से करो ध्यान,

बोलो बजरंगबली और निडर......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।