हे रुद्रदेव

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हे रुद्रदेव, देवो के देव,

महादेव तू शरण बुलाले रे,

है तुझसे ही उम्मेद मेरी,

मेरा जीवन पर लगा देरे……

परमपिता परमेश्वर,

है विधाता ईश्वर,

रखियो लाज मोरी,

नीलकंठ नागेश्वर,

ओ मोरा सोया भाग जगा देरे.......

हे गंगधार, हे मुक्ति द्वार,

हे ओंकार अविनाशी रे,

हो तेरी कृपा मुझ पर स्वामी,

मेरा बिगडा काम बना देरे......

भूतपिता ज्ञानेश्वर,

है दातार महेश्वर,

तीन लोक त्रिपुरारी,

अजन्मे तुम विश्वेश्वर,

ओ मेरी सूनी दुनिया बसा देरे........

मेरे महाकाल करूँ तेरा ध्यान,

भोले तू दरस दिखा देरे,

बरसेगी कृपा मझ पर स्वामी,

जब डमरू डम डम बाजेरे,

हे रुद्रदेव देवो के देव,

महादेव तू शरण बुला लेरे,

है तुझसे ही उम्मेद मेरी,

मेरा जीवन पर लगा देर.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।