तूने इतना दिया रे भोलेनाथ

पारंपरिक
महादेव कथा शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तूने इतना दिया रे भोलेनाथ के गम सारे भूल गए......

तूने आंखे दी है जिसमे ज्योति दी है,

तेरे दर्शन करुंगी भोलेनाथ के गम सारे भूल गए,

तूने इतना दिया रे भोलेनाथ के गम सारे भूल गए......

तूने कान दिए जिसमे पर्दी दिया,

तेरी कथा सुनूंगी भोलेनाथ के गम सारे भूल गए,

तूने इतना दिया रे भोलेनाथ के गम सारे भूल गए......

तूने कंठ दिया जिसमे जिव्हा दी है,

तेरे भजन करुंगी भोलेनाथ के गम सारे भूल गए,

तूने इतना दिया रे भोलेनाथ के गम सारे भूल गए......

तूने हाथ दिए जिसमे बंधन दिया,

मैं तो दान करुंगी भोलेनाथ के गम सारे भूल गए,

तूने इतना दिया रे भोलेनाथ के गम सारे भूल गए.......

तूने पाँव दिए जिसमे बंधन दिया,

मैं तीर्थ करुंगी भोलेनाथ के गम सारे भूल गए,

तूने इतना दिया रे भोलेनाथ के गम सारे भूल गए........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।