हाटकेश्वर स्तुति

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

श्री हाटकेश‌ उमापति अखिलेशवरम‌् श्री महेश्वरम

श्री हाटकेश‌ उमापति अखिलेशवरम‌् श्री महेश्वरम

हे दयानिधि करुणा कर्म वरदेश‍्वरम म‌म वंदनम

श्री हाटकेश‌ उमापति अखिलेशवरम‌् श्री महेश्वरम

गंगेश्वरम गौरीश्वरम गिरजापति श्री महेश्वरम ×2

श्री त्र्यंबकेश् ‌ श्रिलोचनम विशेश्वरम श्री महेश्वरम

हे दयानिधि करुणा कर्म वरदेश‍्वरम म‌म वंदनम

श्री हाटकेश‌ उमापति अखिलेशवरम‌् श्री महेश्वरम

प्राणेश्वरम पूर्णेश्वरम पर्मेश्वरम श्री महेश्वरम ×2

श्री नीलकंठ निरंजनम ‍ त्रिपुरेश्वरम श्री महेश्वरम

हे दयानिधि करुणा कर्म वरदेश‍वरम म‌म वंदनम

श्री हाटकेश‌ उमापति अखिलेशवरम‌् श्री महेश्वरम

अखिलेशवरम‌् श्री महेश्वरम

अखिलेशवरम‌् श्री महेश्वरम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।