हम नाचें वो नचायें के डम डम डमरू बाजे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले रे ओ भोले रे,

भोले भोले भोले रे,

डमक डम डम डमक डमक,

डमक डम डम डमक डमक…..

डमक डमक बाजे शिवजी का डमरू साजे,

डमक डमक बाजे शिवजी का डमरू साजे,

हम नाचें वो नचायें के डम डम डमरू बाजे,

हम नाचें वो नचायें के डम डम डमरू बाजे…….

भोले तू ही यार मेरा,

तू ही दिलदार मेरा,

जहां का मोल नहीं,

तू ही है प्यार मेरा,

भोले तू ही यार मेरा,

तू ही दिलदार मेरा,

जहां का मोल नहीं,

तू ही है प्यार मेरा…..

भोले तेरे दर पे आया झोली खाली लाया,

भोले तेरे दर पे आया झोली खाली लाया,

मुझको गले से लगा ले,

डमक डम डम डमक डमक,

डमक डम डम, डमक डमक,

डमक डमक बाजे शिवजी का डमरू साजे,

डमक डमक बाजे शिवजी का डमरू साजे,

हम नाचें वो नचायें के डम डम डमरू बाजे,

हम नाचें वो नचायें के डम डम डमरू बाजे.....

भोले तेरी मस्ती में,

नाचूं मैं मस्ताना,

सांसे तूझसे है जुड़ी,

तेरा मैं दीवाना......

भोले तेरी मस्ती में,

नाचूं मैं मस्ताना,

सांसे तूझसे है जुड़ी,

तेरा मैं दीवाना,

भोले तेरे नाम का प्याला पियेगा किस्मत वाला,

भोले तेरे नाम का प्याला पियेगा किस्मत वाला,

खो गया खुदको तुझमें भुला के,

डमक डम डम डमक डमक,

डमक डम डम डमक डमक…

हम नाचें वो नचायें के डम डम डमरू बाजे,

डमक डमक बाजे शिवजी का डमरू साजे,

डमक डमक बाजे शिवजी का डमरू साजे…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।