मृत्यु टले ना महाकाल के बिना

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

विघ्न टले ना गणपति के बिना,

मृत्यु टले ना महाकाल के बिना,

दानव मरे ना मैया गौरा के बिना,

काल टले ना महाकाल के बिना,

विघ्न टले ना......

वेद पुराणों में गाया है, ऋषि मुनियो ने बताया है,

गौरा पुजे ना गणपति के बिना,

महाकाल पुजे ना नंदी के बिना,

दानव मरे ना मैया गौरा के बिना,

काल टले ना महाकाल के बिना,

विघ्न टले ना......

रामायण में तुलसी ने गया है,

गा गा के सबको बताया है,

राम जी भजे ना कोई भोले के बिना,

भोले भजे ना कोई राम के बिना,

दानव मरे ना मैया गौरा के बिना,

काल टले ना महाकाल के बिना,

विघ्न टले ना......

दुनिया के ग्यानी और ध्यानी सुनो,

संतो महंतो की वाणी सुनो,

भाग्य लिखे ना कोई ब्रह्मा के बिना,

बदले ना भाग्य महाकाल के बिना,

दानव मरे ना मैया गौरा के बिना,

काल टले ना महाकाल के बिना,

विघ्न टले ना.....

एक बात मैंने समझ ली है,

सारी दुनिया को बता दी है,

शक्ति मिले ना मा गौरा के बिना,

मुक्ति मिले ना महाकाल के बिना,

दानव मरे ना मैया गौरा के बिना,

काल टले ना महाकाल के बिना,

विघ्न टले ना.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।