दिल ले गया खाटूवाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कीर्तन में इतना जोश रहा,

ना हमको कोई होश रहा,

बड़े चुपके से सरकार ने डाका डाला जी,

कड्ड के कालजा ले गया खाटूवाला जी,

मेरा कड्ड के कालजा ले गया खाटूवाला जी......

कोई पूछे किशन कन्हाई से,

कैसे काम करे ये सफाई से,

कहाँ रपट लिखाऊं कोई ना लिखने वाला जी,

कड्ड के कालजा ले गया खाटूवाला जी,

मेरा कड्ड के कालजा ले गया खाटूवाला जी......

पहले तो पता नहीं चलता है,

पर बाद में महंगा पड़ता है,

मेरा हाल कोई भी नहीं समझने वाला जी,

कड्ड के कालजा ले गया खाटूवाला जी,

मेरा कड्ड के कालजा ले गया खाटूवाला जी......

बनवारी ऐसा हो जावे,

घर घर में डाका पड़ जावे,

ये डाका जहाँ भी डाले वो किस्मत वाला जी,

कड्ड के कालजा ले गया खाटूवाला जी,

मेरा कड्ड के कालजा ले गया खाटूवाला जी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।