मेरी रसना से राधा नाम निकले

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( मधुप बड़े बड़भागी है जो,

राधा नाम जो गावे,

जीवन सफल हो जावे उनका,

ब्रज को वास वो पावे। )

मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,

हर घड़ी हर पल नाम जपते ही अंतिम श्वास निकले,

मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले.......

जय राधे राधे, जय राधे राधे,

जय राधे राधे, जय राधे राधे,

श्री राधे राधे, श्री राधे राधे,

श्री राधे राधे, श्री राधे राधे,

जय राधे राधे, जय राधे राधे,

जय राधे राधे, जय राधे राधे........

मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,

हर घड़ी हर पल.....

नाम जपते ही अंतिम श्वास निकले,

मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,

जय राधे राधे, जय राधे राधे,

जय राधे राधे, जय राधे राधे........

राधा नाम सर्व सुखो का सार है,

राधा नाम मोहन मुरली आधार है,

नाम मस्त बनावे असीर बदले,

मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,

जय राधे राधे, जय राधे राधे,

जय राधे राधे, जय राधे राधे........

तन मन ये मेरा, मेरा अंग अंग,

रोम रोम रंगा, राधा नाम के रंग,

मेरी सांसों से राधा राधा नाम निकले,

मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,

जय राधे राधे, जय राधे राधे,

जय राधे राधे, जय राधे राधे........

राधा नाम की लगन लगाई जब से,

राधा नाम की अलख जगाई जब से,

तन तंत्र के बज उठे साज सब रे,

मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,

जय राधे राधे, जय राधे राधे,

जय राधे राधे, जय राधे राधे........

राधा नाम के मधुप मतवाले है जो,

राधा नाम रस के पीते प्याले है जो,

राधा राधा जो भी गावे मधुश्याम मिले,

मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,

जय राधे राधे, जय राधे राधे,

जय राधे राधे, जय राधे राधे........

(सर्वाधिकार लेखक आधीन सुरक्षित। भजन में अदला बदली या शब्दों से छेड़-छाड़ करना सख्त वर्जित है)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।