शम्भू शम्भू सुणो भोले भंडारी जी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शम्भू शम्भू शम्भू सुणो भोले भंडारी जी,

इन्छापुरी धाम ने पूजे दुनिया सारी जी,

शंकर भोले नाथ सुनो तुम अरज हमारी जी,

इन्छापुरी धाम ने पूजे दुनिया सारी जी…..

शंकर नाथ बात इब सुन ले दो तू म्हारी,

सबके मन की जाने से या मन में बात विचारी,

तन्ने यद् करूँ दिन रात बाबा मैं तेरा पुजारी जी,

इन्छापुरी धाम ने पूजे दुनिया सारी जी.....

बम बम के जयकारे लग रहे भगतो पे रंग छाया,

कोई गोमुख से कोई हरिद्वार से तेरी कावड़ लाया,

कृपा से हुई कंचन काया थी कृपा जारी जी……

दीन दुखी के कष्ट हरणीया दूर करणीय पाप,

शिव शंकर कैलाश पति तेरा दुनिया कर रहि जाप,

पल में करता इंसाफ शरण आ गया तुम्हारी जी,

इन्छापुरी धाम ने पूजे दुनिया सारी जी….

सब देवो में देव् बड़ा मेरा शम्भू भोला भाला,

शेर खान शिव शंकर खोले बंद अकाल का ताला,

तेरी कृपा से नेपाल सिंह बन गया पुजारी जी,

इन्छापुरी धाम ने पूजे दुनिया सारी जी….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।