फागण का नज़ारा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

फागण का नज़ारा है,

आयी है खाटु से चिट्ठियाँ, श्याम बाबा ने पुकारा है…..

हमने सुना है फागण में मेला लगता है भारी,

दूर दूर तक है चर्चा मेले की महिमा न्यारी,

जो एक बर जाता है, आता तो है लेकिन दिल हार के आता है…

लाखों लाखों निशान लिए, चलते है सब मतवारे,

सारे रस्ते गूँजते है, श्याम नाम के जय कारे,

सुन सुन के उछलता है, प्रेमी से मिलने को ये खुद भी मचलता है…..

राज उसे जब प्रेमी की यादें बहुत सताती है,

मोड़ता है रुख़ बादल का और फागण रुत आती है,

फागण के बहाने से, मन को सुकून मिले खाटु में जाने से….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।