लागी लगन खाटूधाम की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ना मैं जाऊं मथुरा काशी,

मेरी इच्छा न ज़रा सा,

मोहे चाह नहीं अब किसी धाम की,

मोहे तो लगन मेरे खाटू धाम की.....

कष्टों ने घेरा मुझे मिला ना सहारा,

हाथ बढ़ाया तूने कष्टों से तारा,

तेरे सिवा दुनिया में कोई ना हमारा,

मुझ पे सदा ही रहे हाथ तुम्हारा,

अब कोई ये बताये, हम चाहे तो क्या चाहें,

हमें चाह नहीं अब किसी काम की,

मोहे तो लगन मेरे खाटू धाम की......

कुछ नहीं मांगू मैं अब किसी और धाम से,

सब कुछ मिला है मुझे बाबा तेरे नाम से,

डरता नहीं मैं अब किसी अंजाम से,

मुझको पता है अब जियूँगा आराम से,

रहूं चरणों के पास सदा यही अरदास,

मोहे सुध ही ना रहे अब सुबह शाम की,

मोहे तो लगन मेरे खाटू धाम की......

फागुन का मेला आया मन नहीं माना,

हाथ में निशान लेके चल पड़ा दीवाना,

चंग नगाड़ा बाजे नाचू मैं धमाल में,

भक्तों के संग नाचू गाऊं झूमू ताल में,

मेरा बाबा है कमाल, खुश रखता है अपने लाल,

होली खेलेंगे हम बाबा तेरे धाम की,

मोहे तो लगन मेरे खाटू धाम की......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।