तुम्हारे नाम का सुमिरन

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

तुम्हारे नाम का सुमिरन करता रहूं मैं हर पल हर घड़ी,

जो करो दया तुम मुझ पर तुम्हारी कृपा होगी बड़ी....

एकदंत हे करुणाकर तुम हो बुद्धि बल के स्वामी,

तीनों लोकों में है तुम्हारी सत्ता हो तुम अंतर्यामी,

तुम हो प्रथम पूजीय सब तुम्हारा ही गुण हैं गाते,

शीश झुका कर चरणों में मन वांछित फल हैं पाते,

जो करो दया तुम मुझ पर तुम्हारी कृपा होगी बड़ी,

तुम्हारे नाम का सुमरन करता रहूं मैं हर पल हर घड़ी.....

गज रूप तुम्हारा आनन है गजानन जग से न्यारा,

सबके मन को है भाता लम्बोदर सौम्य रूप तुम्हारा,

रिद्धि सिद्धि के भर्ता सुख कर्ता तुम हो जन नायक,

सब विधान है तुम्हारा हो तुम विधि के विधायक,

जो करो दया तुम मुझ पर तुम्हारी कृपा होगी बड़ी,

तुम्हारे नाम का सुमरन करता रहूं मैं हर पल हर घड़ी.....

है गले में तुम्हारे पुष्प माला धारो तुम माथे चंदन,

शीश मुकुट धरा तुम्हारे शीश झुका करते सब वंदन,

जन जन के हृदय में बसने वाले तुम सबका हित करते,

जो श्रद्धा भाव से तुमको ध्याते उनके कष्ट सब हरते,

जो करो दया तुम मुझ पर तुम्हारी कृपा होगी बड़ी,

तुम्हारे नाम का सुमरन करता रहूं मैं हर पल हर घड़ी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।