गजानन

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गजानन

सुना है जीवन के विघ्नों को,

तुम हर लेते हो,

सुना है रुके कार्यों का,

शुभ आरम्भ कर देते हो,

सुना है जीवन के विघ्नों को,

तुम हर लेते हो,

सुना है रुके कार्यों का,

शुभ आरम्भ कर देते हो,

इक अरज मेरी भी सुन लेना,

इक अरज मेरी भी सुन लेना,

मेरी भक्ति की लाज रख देना,

गजानन गजानन गजानन,

गजानन गजानन गजानन,

गजानन गजानन गजानन ,

गजानन गजानन गजानन…..

व्याकुल मन हो जाये कभी तो,

तुम चन्दन कर जाना,

पग पग की अभिलाषाओं से,

मन को पार लगाना,

व्याकुल मन हो जाये कभी तो,

तुम चन्दन कर जाना,

पग पग की अभिलाषाओं से,

मन को पार लगाना,

ये अरज मेरी भी सुन लेना,

ये अरज मेरी भी सुन लेना,

मेरी भक्ति की लाज रख देना,

गजानन गजानन गजानन,

गजानन गजानन गजानन,

गजानन गजानन गजानन,

गजानन गजानन गजानन…….

मगन तेरी भक्ति में होकर,

सदा तेरे गुण गाऊं,

चलूँ निरंतर धर्म के पथ पर,

सफल जीवन कर जाऊ,

मगन तेरी भक्ति में होकर,

सदा तेरे गुण गाऊं,

चलूँ निरंतर धर्म के पथ पर ,

सफल जीवन कर जाऊ,

ये अरज मेरी भी सुन लेना,

ये अरज मेरी भी सुन लेना,

मेरी भक्ति की लाज रख देना,

गजानन गजानन गजानन,

गजानन गजानन गजानन,

गजानन गजानन गजानन,

गजानन गजानन गजानन……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।